चंद्र ग्रहण के कारण सूतक काल भी शुरू हो जाएगा। इस दौरान कोई भी शुभ कार्य करना अशुभ माना जाता है. इस साल 31 जनवरी को चंद्र ग्रहण हो रहा है। चंद्र ग्रहण के दिन देवी-देवताओं के दर्शन करना अशुभ माना जाता है। कई जगहों पर इस दिन मंदिर के पट बंद कर दिए जाते हैं। चंद्र ग्रहण के कारण सूतक काल भी शुरू हो जाएगा इस दौरान भूलकर भी कोई शुभ कार्य की शुरुआत नहीं करनी चाहिए.

मंदिरों में इस दिन कपाट बंद रहते हैं और भगवान को विश्राम गृह में भेज दिया जाता है। बुधवार को पूर्ण चंद्र ग्रहण शाम शाम 5.17 से रात्रि 8.42 तक दिखाई देगा । कहा जाता है इस दौरान प्रेंग्नेट महिलाओं, बच्चों तथा बुजुर्गों को बाहर नहीं निकलना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार चंद्र ग्रहण को शुभ नहीं माना जाता है,

जब भी इंसान की मृत्यु होती है या कोई बच्चा जन्म लेता है तो उस घर में सूतक काल शुरू हो जाता है। इस दौरान कुछ कार्य करने की मनाही होती है। इसके साथ ही कोई भी जरूरी कार्य सूतक काल में करना अशुभ माना जाता है। बच्चे, बुजुर्गों और रोगियों के लिए सूतक काल नहीं माना जाता है। सूतक काल के दौरान भगवान की मूर्ति को स्पर्श नहीं करना चाहिए। साथ ही भोजन तथा नदी में स्नान करने से बचना चाहिए। चंद्र ग्रहण के दिन सूतक काल खत्म हो जाने के बाद पहने हुए कपड़ों सहित स्नान कर भोजन करना चाहिए।

सूतक काल में ना करें ये काम – सूतक काल के समय खाना-पीना, सोना, नाखून काटना और भोजन पकाना आदि कार्य करना अशुभ माना जाता है। इस दौरान झूठ बोलने, छल-कपट नहीं करना चाहिए।

 

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