होली दो द‍िन का त्‍योहार होता है। इसमें  पहले द‍िन शाम के समय होलिका दहन मानया जाता है. दूसरे दिन रंग खेला जाता है

फाल्गुन के महीने में मनाई जाने वाली होली ना केवल रंगों का त्योहार है, बल्कि यह प्रेम के विजय का भी उत्सव है जिसमें उल्लास और उत्साह के साथ-साथ प्यार का रंग भी घुला है। होली वैसे दो द‍िन मनाई जाती है। पहले द‍िन जिसे छोटी होली भी कहा जाता है, इसके पीछे कई कहानियां भी बताई जाती हैं जिनमें से एक श‍िव कथा भी है। इस कथा के साथ ही होलिका दहन को प्रेम का त्‍योहार माना जाता है जो वासना से दूर है।

होलिका दहन के समय सभी लोग एक जगह आकर आग में आहुति देते हैं। होलिका में कच्चे आम, नारियल, भुट्टे या सप्तधान्य, चीनी के बने खिलौने, नई फसल का कुछ भाग गेहूं, उडद, मूंग, चना, जौ, चावल और मसूर आदि की आहुति दी जाती है