Hindu World

Bhakti

श्री संतोषी माता जी की आरती

जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता । अपने सेवक जन को, सुख संपति दाता ॥ जय सुंदर चीर सुनहरी, मां धारण कीन्हो । हीरा पन्ना दमके, तन श्रृंगार लीन्हो ॥ जय गेरू लाल छटा छवि, बदन कमल सोहे । मंद हँसत करूणामयी, त्रिभुवन जन...

गणेश जी की आरती

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा माता जाकी पार्वती पिता महादेवा ॥ जय… एक दंत दयावंत चार भुजा धारी। माथे सिंदूर सोहे मूसे की सवारी ॥ जय… अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया। बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया ॥...

विष्णु जी की आरती

जय जगदीश हरे, प्रभु! जय जगदीश हरे। भक्तजनों के संकट, छन में दूर करे॥ जय जगदीश हरे जो ध्यावै फल पावै, दु:ख बिनसै मनका। सुख सम्पत्ति घर आवै, कष्ट मिटै तनका॥ जय जगदीश हरे मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूँ किसकी। तुम बिन और न...